4. 2020: COVID-19 – महामारी का हथियार (The Pandemic Weapon)

भाग 4: 2020 COVID-19 – महामारी का हथियार | आपका दुश्मन रूस में नहीं है

भाग 4: 2020 COVID-19 – महामारी का हथियार

ग्रेट रीसेट का सबसे बड़ा मौका... Event 201 से महज हफ्तों पहले सिमुलेशन, फाउची का फंडिंग, गेट्स का प्लान – दुनिया को डराकर कंट्रोल करने की साजिश।

घटना का क्रम: 2019-2020

  • अक्टूबर 2019: Event 201 – Johns Hopkins, WEF और Bill & Melinda Gates Foundation का पैनडेमिक सिमुलेशन। कोरोना जैसा वायरस, 65 मिलियन मौतों का स्केनैरियो।
  • दिसंबर 2019: वुहान में पहला केस।
  • जनवरी 2020: WHO पैनडेमिक घोषणा से पहले लॉकडाउन शुरू।
  • मार्च 2020: वैश्विक लॉकडाउन – अर्थव्यवस्था ठप, छोटे बिजनेस बंद।
  • 2020-2021: वैक्सीन रोलआउट, पासपोर्ट, डिजिटल आईडी की शुरुआत।
"कोविड हमारा मौका है... हम पुरानी व्यवस्था को रीसेट कर सकते हैं।"
– क्लॉस श्वाब (WEF, 2020)

उनकी योजना क्या थी?

फाउची (NIAID) ने gain-of-function रिसर्च को फंड किया – वुहान लैब में कोरोना वायरस को ज्यादा खतरनाक बनाने की कोशिश। गेट्स ने Event 201 में "प्रैक्टिस" कराई। श्वाब ने इसे "ग्रेट रीसेट" का ट्रिगर बताया – अर्थव्यवस्था तोड़ो, डराओ, डिजिटल कंट्रोल थोपो।

उद्देश्य: जनसंख्या नियंत्रण, वैक्सीन पासपोर्ट, CBDC, छोटे बिजनेस खत्म कर कॉर्पोरेट्स को मजबूत करना। रूस/चीन जैसे देशों को अलग-थलग करना।

परिणाम: क्या हुआ दुनिया के साथ?

  • आधिकारिक मौतें: 70 लाख+ (WHO), लेकिन असल आंकड़े ज्यादा।
  • अर्थव्यवस्था में 10 ट्रिलियन+ डॉलर का नुकसान, छोटे व्यवसाय तबाह।
  • वैक्सीन साइड इफेक्ट्स – करोड़ों प्रभावित, लेकिन मुख्यधारा में छिपाया।
  • रूस और चीन ने अपनी वैक्सीन बनाई – पश्चिम की योजना आंशिक फेल।

महत्वपूर्ण संदर्भ (क्लिक करें)

जागो भारत! महामारी हथियार थी, मौतें प्लान का हिस्सा। 🇮🇳🇷🇺

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