5. 2020-2022: श्वाब का "ग्रेट रीसेट" – संपत्ति छीनने की साजिश (The Great Reset)

भाग 5: 2020-2022 श्वाब का "ग्रेट रीसेट" – संपत्ति छीनने की साजिश | आपका दुश्मन रूस में नहीं है

भाग 5: 2020-2022 श्वाब का "ग्रेट रीसेट" – संपत्ति छीनने की साजिश

"You will own nothing and be happy" – क्लॉस श्वाब का सपना... कोविड के बाद दुनिया को रीसेट करने की योजना, जहां तुम्हारी संपत्ति छीन ली जाएगी और तुम खुश रहोगे।

घटना का क्रम: 2020-2022

  • जून 2020: WEF ने "The Great Reset" लॉन्च किया – कोविड को "मौका" बताकर कैपिटलिज्म रीसेट की बात।
  • जुलाई 2020: श्वाब और Malleret की किताब COVID-19: The Great Reset जारी – किताब में "stakeholder capitalism" और ESG metrics पर जोर।
  • 2020-2021: कोविड के नाम पर डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, CBDC, surveillance बढ़ाई गई।
  • 2021-2022: महंगाई का उछाल – ग्लोबल इन्फ्लेशन 8%+ तक पहुंची, छोटे बिजनेस तबाह।
  • 2022: WEF Davos में "Great Reset" को आगे बढ़ाया – लेकिन विरोध बढ़ा।
"कोविड हमारा मौका है... हम पुरानी व्यवस्था को रीसेट कर सकते हैं। You will own nothing and be happy."
– क्लॉस श्वाब और WEF (2020 से viral स्लोगन)

उनकी योजना क्या थी?

श्वाब ने कोविड को "unique window of opportunity" बताया – पुरानी कैपिटलिज्म को "stakeholder capitalism" में बदलना, जहां सरकारें और कॉर्पोरेट्स मिलकर नियंत्रण करेंगे। तुम कुछ नहीं रखोगे – सब रेंट पर होगा (Airbnb/Uber स्टाइल), डिजिटल आईडी और CBDC से हर ट्रांजेक्शन ट्रैक होगा।

उद्देश्य: छोटे बिजनेस खत्म कर बड़े कॉर्पोरेट्स को मजबूत करना, ESG के नाम पर पर्यावरण/सोशल कंट्रोल, विरोध करने वालों को ब्लॉक करना। रूस जैसे राष्ट्रों को अलग-थलग रखना।

परिणाम: क्या हुआ दुनिया के साथ?

  • महंगाई 2021-2022 में 8%+ तक – गरीबी बढ़ी, मिडिल क्लास सिकुड़ी।
  • डिजिटल सर्विलांस शुरू – contact tracing से social credit जैसी सिस्टम की तैयारी।
  • छोटे व्यवसाय बंद, अमीर अमीर हुए – inequality बढ़ी।
  • लेकिन विरोध बढ़ा – लोग जागे, BRICS मजबूत हुआ।

महत्वपूर्ण संदर्भ (क्लिक करें)

जागो भारत! संपत्ति छीनना "खुशी" नहीं, गुलामी है। 🇮🇳🇷🇺

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