नास्तिक जग्गी

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सद्गुरु के काले कारनामे: सनातन धर्म की आड़ में छिपी हुई भारतीय एपस्टीन का चेहरा 


सद्गुरु जग्गी वासुदेव, जो खुद को आध्यात्मिक गुरु बताते हैं, असल में सनातन धर्म की पवित्र छवि के पीछे अपनी भयानक गंदगी छिपा रहे हैं। इशा फाउंडेशन के नाम पर वे करोड़ों की कमाई कर रहे हैं, पर्यावरण को नष्ट कर रहे हैं, महिलाओं और बच्चों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं हो रही हैं, और ये सब मोदी सरकार की तानाशाही के संरक्षण में चल रहा है। सरकार मीडिया को पूरी तरह नियंत्रित करके इन तथ्यों को दबा रही है, क्योंकि सद्गुरु उनकी सत्ता की राजनीति के लिए एक उपयोगी हथियार हैं। ये वो काले सच हैं जो छिपाए जा रहे हैं, लेकिन अब समय आ गया है इन्हें बेनकाब करने का। 

सैतान सद्गुरू



सद्गुरु – भारतीय एपस्टीन: यौन शोषण का साम्राज्य



सद्गुरु को भारतीय एपस्टीन कहना बिल्कुल सही है। जेफरी एपस्टीन की तरह सद्गुरु भी शक्तिशाली लोगों, सेलिब्रिटीज़ और प्रभावशाली हस्तियों को अपने आश्रम में बुलाते हैं, जहां यौन दुर्व्यवहार और शोषण की घटनाएं सामने आती हैं। इशा फाउंडेशन के स्कूलों और आश्रम में बच्चों और युवतियों के साथ यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। पूर्व कर्मचारियों ने खुलासा किया है कि बच्चों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं हुईं, लेकिन सद्गुरु को सूचित करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं को नग्न अनुष्ठानों में मजबूर किया जाता है, युवा लड़कियों की पीठ छूने और यौन संबंध के लिए दबाव डालने की बातें सामने आई हैं। ये सब एपस्टीन की तरह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा लगता है, जहां सेलिब्रिटीज़ और प्रभावशाली लोग शामिल होते हैं। सरकार इन आरोपों को दबाकर सद्गुरु को बचाती है, क्योंकि वे उनकी धार्मिक राजनीति को मजबूत करते हैं। 

पत्नी की संदिग्ध मौत: हत्या की आशंका 


1997 में सद्गुरु की पत्नी विज्जी की मौत बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। पोस्टमॉर्टम करवाए बिना ही लाश जला दी गई, जबकि परिवार ने इंतजार करने को कहा था। आरोप हैं कि सद्गुरु अपनी पत्नी को धोखा दे रहे थे और आश्रम में कई महिलाओं के साथ संबंध रखते थे। ये मौत हत्या की तरह लगती है, लेकिन जांच कभी नहीं हुई। सरकार मीडिया को नियंत्रित करके इस मामले को दफन कर देती है। Some documents available here

प्रतिद्वंद्वी को मारने की साजिश: नित्यानंद पर हमला 

2010 में सद्गुरु ने अपने भक्तों को भेजकर प्रतिद्वंद्वी गुरु नित्यानंद पर हमला करवाने की कोशिश की। ये हिंसा सनातन धर्म की बात करने वाले सद्गुरु की असली सच्चाई दिखाती है। वे खुद को प्राचीन भविष्यवाणी का पूर्ण गुरु बताते हैं, लेकिन असल में साजिश और हिंसा में लिप्त हैं। Sean O'Neil Article on the times

पर्यावरण विनाश और जमीन हड़पना 

इशा फाउंडेशन पर जंगलों को काटने, अवैध निर्माण और जमीन हड़पने के आरोप हैं। तमिलनाडु में पर्यावरण नियम तोड़े गए, लेकिन कोई सजा नहीं मिली। ये सब पैसे और पावर की लालच है, जो सनातन धर्म की आड़ में छिपाई जा रही है। 

मोदी सरकार की तानाशाही: सेना का राजनीतिकरण और गॉडमैन का इस्तेमाल 

मोदी सरकार की तानाशाही का सबसे बड़ा उदाहरण है सेना का राजनीतिकरण। हाल ही में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों को विवादास्पद नेता धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम) से "भाव्य भारत भूषण" पुरस्कार मिला। शास्त्री के चरण स्पर्श करने वाले जवान सेना की धर्मनिरपेक्षता और अनुशासन को तार-तार कर रहे हैं। सद्गुरु भी इसी तरह सेना और सेलिब्रिटीज़ को अपने इवेंट में बुलाकर उनका इस्तेमाल करते हैं। ये सब मोदी सरकार की धार्मिक राजनीति का हिस्सा है, जहां गॉडमैन को संरक्षण देकर सत्ता मजबूत की जा रही है। सरकार मीडिया को दबाकर इन तथ्यों को छिपा रही है, क्योंकि ये उनकी नींव हिला सकते हैं।सद्गुरु जैसे लोग सनातन धर्म को बदनाम कर रहे हैं, और मोदी सरकार उन्हें बचाकर देश को अंधेरे में धकेल रही है। ये भारतीय एपस्टीन की तरह काम कर रहे हैं, लेकिन यहां कोई जांच नहीं होती। जागो भारत! सच्चाई सामने लाओ, डरो मत। सनातन धर्म सत्य और न्याय का प्रतीक है, न कि इन अपराधियों का। बोलो, लड़ो, और इन काले कारनामों को रोक दो!

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