भाग 3: 2014 यूक्रेन "मैदान क्रांति" – रूस को घेरने की शुरुआत
NATO को पूर्व की ओर फैलाने की साजिश... CIA, सोरोस, ओबामा की मदद से Yanukovych का तख्तापलट – रूस की सीमाओं पर घेराबंदी शुरू।
घटना का क्रम: फरवरी 2014
- नवंबर 2013: Yanukovych ने EU एसोसिएशन एग्रीमेंट साइन करने से इनकार किया – रूस के दबाव में। Kyiv के Maidan Square पर विरोध शुरू।
- दिसंबर 2013 – जनवरी 2014: विरोध बढ़ा, पुलिस दमन। जॉर्ज सोरोस की International Renaissance Foundation (IRF) ने NGOs को सपोर्ट दिया।
- फरवरी 2014: स्नाइपर फायर – 100+ मौतें। Yanukovych भाग गए। नया प्रो-वेस्टर्न सरकार बनी।
- मार्च 2014: क्रिमिया रूस में विलय (रेफरेंडम)। Donbas में separatist विद्रोह शुरू।
- अप्रैल 2014: यूक्रेन की "एंटी-टेररिस्ट ऑपरेशन" – गृहयुद्ध।
"मैदान सबसे महत्वपूर्ण विकास था... लेकिन स्थिति बेहद जटिल है। मैं निवेशक के रूप में इसके खिलाफ दांव लगाऊंगा, लेकिन ओपन सोसाइटी समर्थक के रूप में अपना पूरा प्रयास कर रहा हूं।"
– जॉर्ज सोरोस (2014 CEU स्पीच)
– जॉर्ज सोरोस (2014 CEU स्पीच)
उनकी योजना क्या थी?
ओबामा प्रशासन, Victoria Nuland (US Asst. Secretary), और सोरोस ने मिलकर "कलर रेवोल्यूशन" स्टाइल तख्तापलट रचा। उद्देश्य: Yanukovych (रूस समर्थक) को हटाकर प्रो-NATO सरकार लाना, यूक्रेन को EU/NATO में खींचना, रूस को पूर्व से घेरना।
सोरोस की Open Society Foundations ने NGOs, मीडिया, और सिविल सोसाइटी को फंड किया – Maidan को "डेमोक्रेसी प्रमोशन" का मुखौटा दिया। Nuland का leaked call दिखाता है कि US सीधे opposition leaders चुन रहा था।
परिणाम: क्या हुआ रूस और यूक्रेन के साथ?
- Donbas में गृहयुद्ध – 14,000+ मौतें (2014-2022 तक)।
- क्रिमिया रूस में – रूस की बड़ी जीत, लेकिन पश्चिम ने प्रतिबंध लगाए।
- रूस ने BRICS मजबूत किया, डॉलर हेजेमनी पर हमला।
- यूक्रेन तबाह – लेकिन रूस की सीमाओं पर NATO की मौजूदगी बढ़ी।
महत्वपूर्ण संदर्भ (क्लिक करें)
- Open Society Foundations: Euromaidan समझाया – IRF की भूमिका और सपोर्ट।
- OSF in Ukraine: $230 मिलियन+ ग्रांट्स – 2014 से पहले और बाद की फंडिंग डिटेल्स।
- Wikipedia: Revolution of Dignity – Maidan टाइमलाइन और घटनाएं।
- BBC: Nuland-Pyatt leaked call ट्रांसक्रिप्ट – US का opposition में दखल।
जागो भारत! ये "रंगीन क्रांतियां" सिर्फ डेमोक्रेसी नहीं, घेराबंदी हैं। 🇮🇳🇷🇺