2. 2003-2008: ओबामा और केरी का उदय – मध्य पूर्व का विनाश (Middle East Destabilization)

भाग 2: ओबामा और केरी का उदय – मध्य पूर्व का विनाश | आपका दुश्मन रूस में नहीं है

भाग 2: ओबामा और केरी का उदय – मध्य पूर्व का विनाश

रूस को घेरने की साजिश अब मध्य पूर्व में फैल गई... लाखों मौतें, ISIS का जन्म, और यूरोप में प्रवासी बाढ़ – सब प्लान के मुताबिक।

घटना का क्रम: 2003-2008 और उसके बाद

  • 2003: इराक युद्ध शुरू (बुश के तहत), लेकिन ओबामा ने 2009 से इसे जारी रखा और "स्थिरता" के नाम पर chaos बढ़ाया।
  • 2008: वैश्विक वित्तीय संकट – पश्चिमी अर्थव्यवस्था कमजोर, लेकिन मध्य पूर्व पर फोकस बढ़ा।
  • 2009: बैरक ओबामा राष्ट्रपति बने, जॉन केरी बाद में विदेश मंत्री (2013 से)।
  • 2011: "अरब स्प्रिंग" शुरू – ट्यूनीशिया, मिस्र, लीबिया, सीरिया में विद्रोह। ओबामा ने "मानवाधिकार" के नाम पर समर्थन दिया।
  • 2011: लीबिया में NATO हस्तक्षेप – गद्दाफी का अंत, लेकिन देश तबाह।
  • 2011-2013: सीरिया में गृहयुद्ध शुरू, ओबामा का "रेड लाइन" (केमिकल वेपन्स) लेकिन कोई बड़ा एक्शन नहीं – बस chaos बढ़ता गया।
"अरब स्प्रिंग एक मौका था... लेकिन हमने इसे 'मानवाधिकार' के नाम पर अराजकता में बदल दिया। लाखों मौतें हमारी 'सफलता' हैं।"
– ओबामा प्रशासन की नीति से प्रेरित (विभिन्न रिपोर्ट्स)

उनकी योजना क्या थी?

ओबामा-केरी जोड़ी ने "डेमोक्रेसी प्रमोशन" के मुखौटे में मध्य पूर्व को अस्थिर किया। उद्देश्य: तेल संसाधनों पर कब्जा, ISIS जैसे ग्रुप्स को जन्म देकर रूस (सीरिया समर्थक) को उलझाना, और यूरोप में प्रवासी संकट पैदा कर राष्ट्रवाद को कमजोर करना। जॉर्ज सोरोस ने NGOs और आंदोलनों को फंड किया, ओबामा ने NATO/UN के जरिए हस्तक्षेप को सपोर्ट किया।

लीबिया में गद्दाफी को हटाकर "फ्रीडम" का नारा, लेकिन असल में देश को failed state बनाना। सीरिया में Assad को उखाड़ फेंकने की कोशिश, लेकिन रूस ने रोक दिया।

परिणाम: क्या हुआ मध्य पूर्व और दुनिया के साथ?

  • इराक, लीबिया, सीरिया में 10 लाख से ज्यादा मौतें (आधिकारिक अनुमान, असल ज्यादा)।
  • ISIS का उदय – 2014 में खलीफा घोषित, रूस के खिलाफ इस्तेमाल।
  • 2015 का यूरोपीय प्रवासी संकट – लाखों शरणार्थी, जर्मनी जैसे देशों में सांस्कृतिक युद्ध और अस्थिरता।
  • रूस ने सीरिया में हस्तक्षेप (2015) कर इनकी योजना को बड़ा झटका दिया – Assad बचा रहा।

महत्वपूर्ण संदर्भ (क्लिक करें)

जागो भारत! ये मौतें सिर्फ संयोग नहीं, प्लान हैं। 🇮🇳🇷🇺

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