1. 1980-1991: सोरोस का "ओपन सोसाइटी" – सोवियत संघ का विघटन (The Foundation of the Plan)

भाग 1: सोरोस का "ओपन सोसाइटी" – सोवियत संघ का विघटन | आपका दुश्मन रूस में नहीं है

भाग 1: सोरोस का "ओपन सोसाइटी" – सोवियत संघ का विघटन

आपका दुश्मन रूस में नहीं है... असली साजिश 1980 से शुरू हो चुकी थी।

घटना का क्रम: 1980-1991

  • 1979: जॉर्ज सोरोस ने "Open Society Fund" की स्थापना की। शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका के ब्लैक स्टूडेंट्स को स्कॉलरशिप, लेकिन असली फोकस पूर्वी यूरोप पर।
  • 1984: हंगरी में पहली फाउंडेशन खोली – कम्युनिस्ट सरकार की अनुमति से! स्वतंत्र कल्चर ग्रुप्स, अकादमिक एक्सचेंज फंड किए।
  • 1980s मिड: पोलैंड में Solidarity मूवमेंट, चेकोस्लोवाकिया में Charter 77, और सोवियत में dissidents को करोड़ों डॉलर दिए।
  • 1989: बर्लिन दीवार गिरना। सोरोस की फाउंडेशन पहले से ही पोलैंड, यूक्रेन, रूस में एक्टिव।
  • 1991: सोवियत संघ का पूरा विघटन। सोरोस ने खुद को "क्रांतिकारी" बताया।
"मैं सोवियत साम्राज्य को तोड़ने में मदद कर रहा था... जब सोवियत संघ ढहा, मैंने उसके टुकड़े उठाए और अपना साम्राज्य बनाया।"
– जॉर्ज सोरोस (विभिन्न इंटरव्यूज से प्रेरित)

उनकी योजना क्या थी?

सोरोस का लक्ष्य स्पष्ट था: सोवियत ब्लॉक को आर्थिक और वैचारिक रूप से तोड़ना। "ओपन सोसाइटी" का नाम Karl Popper से लिया, लेकिन असल में ये पश्चिमी पूंजीवाद और कॉर्पोरेट कंट्रोल फैलाने का हथियार था।

वे NGOs, dissident ग्रुप्स, इंडिपेंडेंट मीडिया को फंड करके कम्युनिस्ट सिस्टम के अंदर से ही विद्रोह भड़काते थे। लक्ष्य? रूस को कमजोर करना, NATO को पूर्व की ओर बढ़ाना, और रूस जैसे मजबूत राष्ट्रों को हमेशा के लिए घुटनों पर लाना।

परिणाम: क्या हुआ रूस के साथ?

  • 1990s में "शॉक थेरेपी" – अर्थव्यवस्था 50% सिकुड़ गई, लाखों मौतें गरीबी और बीमारी से।
  • पूर्वी यूरोप के देश NATO में शामिल – रूस की सीमाओं पर घेराबंदी।
  • रूस में अराजकता, माफिया राज, ओलिगार्क्स का उदय – लेकिन पुतिन के आने से रूस ने खुद को दोबारा मजबूत किया। ये इनके लिए सबसे बड़ा झटका।

महत्वपूर्ण संदर्भ (क्लिक करें)

जागो भारत! सच्चाई छिप नहीं सकती। 🇮🇳🇷🇺

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